डोनाल्ड ट्रंप की फिर बड़ी कानूनी मुश्किलें, क्या 2024 का चुनाव लड़ पाएंगे ट्रंप?

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नई दिल्ली/डेस्क: डोनाल्ड ट्रंप पर चार आपराधिक अभियोग लगाए गए हैं और 2024 में उन्हें फिर से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी करने के बावजूद कई मामलों की जांच में ट्रायल से गुजरना पड़ सकता है। यहां, हम विस्तार से उन चार मामलों को समझने का प्रयास करेंगे और देखेंगे कि ये उनके नामांकन में कैसे प्रभाव डाल सकते हैं।

  1. जॉर्जिया में 2020 के चुनाव का मामला:

डोनाल्ड ट्रंप और अन्य 18 व्यक्तियों के खिलाफ यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 2020 के चुनाव में अपनी हार को पलटने के प्रयास किए थे। इसमें ट्रंप पर जॉर्जिया चुनाव अधिकारी से हुए एक लीक फोन कॉल का आरोप है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति ने चुनावी हार को पलटने के लिए 11,780 वोट ढूंढने का आग्रह किया था। उन्हें जॉर्जिया के रैकेटियरिंग इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन एक्ट (रिको) के कथित उल्लंघन सहित 13 आपराधिक मामलों में भी आरोपित किया गया है।

  1. 2020 चुनाव की जांच:

इसके अलावा ट्रंप पर 2020 के चुनाव की जांच में धोखाधड़ी, आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालने की साजिश, और नागरिकों के अधिकारों के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। इसके लिए सजा में उन्हें अलग-अलग अवधियों की जेल या जुर्माना की सजा हो सकती है, जैसे कि अमेरिका को धोखा देने की साजिश के लिए पांच साल तक की जेल या जुर्माना, आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालने के लिए बीस साल तक की जेल, और अधिकारों के खिलाफ साजिश के लिए दस साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।

  1. ट्रायल और बचाव:

ट्रंप इन मामलों को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की साजिश का परिणाम और उन्हें 2024 के राष्ट्रपति चुनाव जीतने से रोकने का प्रयास मानते है।उन्होंने ये भी दावा किया है कि उनके विरुद्ध हो रहे आपराधिक आरोप राजनीतिक और अपराधिक दोनों हैं और इनका उद्देश्य उन्हें केवल बदनाम करना है।

  1. 6 जनवरी 2021 की हिंसा का मामला:

इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप पर 6 जनवरी 2021 को हुए कैपिटल हिल हिंसा के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं, जिसमें वे चाहते थे कि उनके समर्थक कैपिटल पर शांतिपूर्वक मार्च करें ताकि चुनावी परिणाम पर प्रभाव डाल सकें।

डोनाल्ड ट्रंप के बचाव में उनकी कानूनी टीम द्वारा यह तर्क प्रस्तुत किया जा सकता है कि उनके खिलाफ आरोप राजनीतिक हैं और उनके पास अपने विचारों को व्यक्त करने की आज़ादी है, और उन्हें 6 जनवरी की हिंसा के प्रयास के लिए सीधे ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

इसलिए इस प्रकार, डोनाल्ड ट्रंप पर लगे चार आपराधिक आरोपों के मामले न केवल कानूनी हैं, बल्कि राजनीतिक भी है, जो उनके व्यक्तिगत और सियासी भविष्य पर प्रभाव डाल सकते हैं।

लेखक: करन शर्मा