ध्रुव जुरेल के साथ हुई नाइंसाफी पर फैंस का फूटा गुस्सा!

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नई दिल्ली/डेस्क: भारत ने रांची टेस्ट 5 विकेट से जीता और जहां हर कोई टीम इंडिया की तारीफ कर रहा है, वहीं प्रशंसकों का एक वर्ग ऐसा भी है जो ध्रुव जुरेल के साथ हुए अन्याय पर मुखरता से चिंता जता रहा है।

सिर्फ फैंस ही नहीं बल्कि सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे दिग्गज भी इस अन्याय के बारे में बोलने लगे हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि अगर ध्रुव को मौका मिला तो उनके साथ कैसा अन्याय हुआ?

सरफराज और ध्रुव दोनों ने तीसरे टेस्ट में पदार्पण किया, लेकिन ध्रुव सरफराज जितना ध्यान आकर्षित नहीं कर सके। प्रशंसक सवाल कर रहे हैं कि आनंद महिंद्रा ने सरफराज के पिता को तोहफे में थार क्यों दी, लेकिन कारगिल युद्ध के योद्धा ध्रुव जुरेल के पिता को यह उपहार क्यों नहीं दिया।

दूसरा, ध्रुव की यात्रा के बारे में इतनी चर्चा क्यों नहीं हुई जब सरफराज के पिता मुंबई के प्रमाणित क्रिकेट कोच हैं और ध्रुव को अभ्यास के लिए भी आगरा से नोएडा तक 200 किमी की यात्रा करनी पड़ी।

देखा जाए तो राजकोट की सपाट पिच पर आसान परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद सरफराज को ब्रैडमैन कहा जाने लगा। वहीं ध्रुव ने पहली पारी में भारत को बचाया और भारत की जीत सुनिश्चित की।

इसके अलावा, ध्रुव ने अपने दूसरे टेस्ट में उस समय 90 रन बनाए जब भारत 176 रन से पीछे था और केवल 3 विकेट ही बचे थे। इतना ही नहीं, दूसरी पारी में जब भारत का स्कोर 120/5 था तब उन्होंने मैच जिताऊ 39 रन बनाए। फैंस का कहना है कि सरफराज से कोई नफरत नहीं है, लेकिन ध्रुव को भी वह पहचान मिलनी चाहिए जिसके वह हकदार हैं।

लेखक: करन शर्मा