पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का जासूस गिरफ्तार, FB के जरिए हनी ट्रैप में फंसा सतेंद्र सिवाल

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नई दिल्ली/डेस्क: विदेश मंत्रालय में मल्टी टास्किंग स्टाफ के तौर पर काम करने वाला सत्येंद्र सिवाल 2021 में पाकिस्तान की महिला के संपर्क में आया था. फेसबुक के जरिए पाकिस्तानी महिला ने उसे झूठी मोहब्बत के जाल में फंसाकर सेना और विदेश मंत्रालय की जानकारी लेनी शुरू कर दी. सत्येंद्र समझ नहीं पाया कि जो युवती उससे प्यार का नाटक करके खुफिया जानकारी हासिल कर रही है, वो ISI की एजेंट है.

यूपी पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध कबूल कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी जासूस सतेंद्र सिवाल हापुड़ जिले के शाहमहिउद्दीनपुर गांव का रहने वाला है. वो मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में आईबीएसए के पद पर तैनात था. उस पर आरोप है कि उसने ISI के हैंडलर्स को भारतीय दूतावास, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों की ज़रूरी गोपनीय सूचना दी हैं. इतना ही नहीं ISI के निर्देश पर वो विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को हनी ट्रैप में फंसवाकर या फिर पैसे का लालच देकर गोपनीय सूचनाएं लीक करवाता था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मॉस्को में तैनाती के दौरान सतेंद्र सिवाल फेसबुक के जरिए एक महिला के संपर्क में आया था. उसने पहले मैसेंजर से उससे बातचीत करनी शुरू की, उसके बाद मोबाइल नंबर लेकर व्हाट्सऐप पर बातें करनी लगी. यहीं से सतेंद्र उसकी जाल में फंस गया.

रूस के साथ मजबूत रक्षा और सुरक्षा सहयोग में रणनीतिक संबंधों को देखते हुए, मॉस्को भारतीय अधिकारियों के लिए एक संवेदनशील पोस्टिंग है. पूर्व में भारत ने इस्लामाबाद से ऐसे दो कर्मचारियों को तुरंत वापस बुला लिया था, जब यह पाया गया कि वे पाकिस्तानी एजेंसी द्वारा हनीट्रैप में फंस गए थे.

भारतीय उच्चायोग के प्रेस प्रभाग में कार्यरत माधुरी गुप्ता को 2010 में गिरफ्तार कर लिया गया था.

लेखक: इमरान अंसारी