महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द होगी? जानिए पूरा विवाद?

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नई दिल्ली/डेस्क: लोकसभा में शुक्रवार दोपहर पेश की गई रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित किए जाने की सिफ़ारिश की गई है, जिससे सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी तथा विपक्षी दलों के सांसदों के बीच विवाद शुरू हो गया.

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट पर महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव रखा है. महुआ प. बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी की सांसद हैं. वो प. बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं. उन पर उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे लेने और उपहार लेने का आरोप है. उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी ने कहा है कि महुआ ने उन्हें लोकसभा की वेबसाइट का लॉग-इन और पासवर्ड उनसे शेयर किया था.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब सदस्यों को उचित निर्णय लेने पड़ते हैं. सदन उच्च मर्यादाओं से चलता है. यह सर्वोच्च पीठ है. 75 वर्ष की हमारी यात्रा में हमारे सदन और लोकतंत्र की उच्च मर्यादा रही है. पूरा देश उच्च परंपराओं के लिए हमारी ओर देखता है. इसी वजह से हमारे लोकतंत्र की पूरे विश्व में पहचान है. पिछले 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा में हमारा लोकतंत्र निरंतर सशक्त हुआ है.

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उनसे पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश करने वाली आचार समिति की रिपोर्ट पढ़ने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय देने का आग्रह किया है.

लेखक: इमरान अंसारी